Home / राजनीति / यूपी में मायावती का मंदिर बनाने की मांग, बीएसपी सुप्रीमो को पत्र भेजकर मांगी अनुमति

यूपी में मायावती का मंदिर बनाने की मांग, बीएसपी सुप्रीमो को पत्र भेजकर मांगी अनुमति

AI image and image source is chat gpt
Spread the love

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का मंदिर बनाने की मांग सामने आई है। अलीगढ़ के बन्ना देवी क्षेत्र निवासी और ‘भ्रष्टाचार विरोधी सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने अपनी निजी भूमि पर मायावती की मूर्ति स्थापित कर मंदिर निर्माण कराने की इच्छा जताई है।
इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बीएसपी सुप्रीमो को औपचारिक रूप से पत्र भेजकर मंदिर निर्माण और प्रतिमा स्थापना हेतु अनुमति तथा आशीर्वाद देने का आग्रह किया है।
संघर्ष और समर्पण को बताया प्रेरणा का स्रोत
पत्र भेजने वाले केशव देव गौतम का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने जनसेवा के सफर में वंचित, शोषित और सर्व समाज के अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया है, वह बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि मायावती का जीवन त्याग और समर्पण का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के सामने एक मिसाल के रूप में पेश किया जाना चाहिए।
व्यक्तिगत आस्था और सम्मान: आवेदक ने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार और आस्था है। उनका मानना है कि राजनीति से परे हटकर किसी जननेता के संघर्ष को इस तरह सम्मानित करना समाज में जागरूकता फैलाएगा।
सर्वजन हिताय का संदेश: उन्होंने दावा किया कि मायावती का कार्यकाल ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना से प्रेरित रहा है, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने अपनी निजी जमीन समर्पित करने का निर्णय लिया है।
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई चर्चा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में किसी जीवित नेता के नाम पर मंदिर बनाने या उनकी प्रतिमा को पूजनीय रूप देने की पहल ने एक बार फिर नई बहस को जन्म दे दिया है। हालांकि, बीएसपी के केंद्रीय नेतृत्व या खुद मायावती की तरफ से इस प्रार्थना पत्र पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेताओं के प्रति उनके समर्थकों का यह अति-उत्साह अक्सर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनता है, लेकिन अब देखना यह होगा कि बीएसपी सुप्रीमो इस पत्र पर क्या रुख अपनाती हैं।