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मंच शुद्धिकरण विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला: प्रोजेक्टर पर दिखाया खड़गे का भाषण, कहा- दलित अपमान पर चुप क्यों हैं पीएम, तुरंत दर्ज हो FIR

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नई दिल्ली:
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच का कथित ‘शुद्धिकरण’ कराए जाने के मामले ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद को लेकर दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस (RSS) पर निशाना साधा। इस दौरान राहुल गांधी ने बाकायदा प्रोजेक्टर स्क्रीन पर मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान और घटना का वीडियो चलाकर दिखाया और इसे देश के हर दलित का सीधा अपमान करार दिया।
प्रोजेक्टर पर वीडियो चलाकर जताया विरोध
प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने स्क्रीन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का वह वीडियो क्लिप चलाया, जिसमें उन्होंने हल्द्वानी की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण और हवन का जिक्र किया था। वीडियो दिखाने के बाद राहुल ने तीखे तेवर में कहा कि देश में संविधान होने के बावजूद इस तरह की आपराधिक मानसिकता वाली घटनाएं खुलेआम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी दलित नेता या व्यक्ति के जाने के बाद जगह को पवित्र करने के नाम पर शुद्धिकरण होता है, तो वह संदेश देता है कि समाज का एक वर्ग दलितों को ‘अछूत’ मानता है।
“यह केवल खड़गे जी का नहीं, हर दलित का अपमान है”
राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। जब इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति के साथ सरेआम ऐसा बर्ताव किया जा सकता है, तो सोचिए दूर-दराज के गांव और स्कूलों में पढ़ने वाले आम दलित बच्चों के साथ क्या होता होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सिर्फ कांग्रेस पार्टी या खड़गे जी का नहीं है, बल्कि यह देश के हर दलित नागरिक की गरिमा का सवाल है।
SC/ST एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर की मांग
भाजपा सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर मंच से दावा करते हैं कि वे सभी जातियों के प्रतिनिधि हैं, लेकिन इस घटना पर उनकी और उनकी पार्टी की चुप्पी संदिग्ध है। राहुल ने मांग रखी कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार बिना किसी देरी के इस शुद्धिकरण अनुष्ठान का आयोजन करने वाले दोषियों पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम [SC/ST Act] के तहत आपराधिक केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करे।
भाजपा का पलटवार और कांग्रेस का रुख
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर बवाल बढ़ता देख सत्तारूढ़ भाजपा और स्थानीय नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे कांग्रेस द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम बताया है। हालांकि, कांग्रेस इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा का मुख्य आधार बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। राहुल गांधी ने साफ किया कि उनकी यह लड़ाई किसी राजनीतिक पद के लिए नहीं, बल्कि मनुवादी मानसिकता और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ है।