नई दिल्ली 11 July 2026
GSST/ डेस्क: देश को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले सफाई कर्मियों के सम्मान में केंद्र सरकार 14 जुलाई को पूरे देश में तीसरा ‘नमस्ते दिवस’ (NAMASTE Day) मनाने जा रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस विशेष दिवस का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों, कचरा बीनने वाले श्रमिकों तथा पूर्व मैनुअल स्कैवेंजर्स के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और बेहतर आजीविका सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि मुख्य समारोह पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रवीन्द्र सदन में होगा।
यह आयोजन राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (NAMASTE) योजना के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। वर्ष 2023 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य सफाई व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और मशीन आधारित बनाना है, ताकि किसी भी सफाई कर्मचारी को अपनी जान जोखिम में डालकर सीवर या सेप्टिक टैंक में उतरकर काम न करना पड़े।
मुख्य समारोह में कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना
मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवीन्द्र सदन में दिव्य कला मेला के साथ आयोजित होगा। इसके साथ ही देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies-ULBs) में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी उपस्थित रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा सांसद, विधायक, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) के अधिकारी तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम के साथ दिव्य कला मेला का भी आयोजन किया जाएगा।
देशभर के नगर निकायों में होंगे विशेष कार्यक्रम
‘नमस्ते दिवस’ के अवसर पर सभी शहरी स्थानीय निकाय सफाई कर्मियों के कल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें स्वास्थ्य जांच शिविर, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष शिविर, आधुनिक सफाई मशीनों और सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई कर्मियों का सम्मान शामिल रहेगा।
इसके अलावा कर्मचारियों को यह भी बताया जाएगा कि आधुनिक मशीनों का सुरक्षित उपयोग कैसे किया जाए, दुर्घटना की स्थिति में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और कार्यस्थल पर अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
मशीन आधारित सफाई व्यवस्था पर सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि अब पारंपरिक और जोखिमपूर्ण तरीकों की जगह मशीनों के माध्यम से सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य सफाई कर्मियों को जहरीली गैसों, दम घुटने और अन्य गंभीर दुर्घटनाओं से बचाना है।
योजना के तहत सफाई कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट, गैस डिटेक्टर, सुरक्षा सूट, दस्ताने, गमबूट, ऑक्सीजन सहायता उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही उन्हें आधुनिक मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण देकर कुशल बनाया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम तरीके से अपना कार्य कर सकें।
आपातकालीन स्वच्छता इकाइयों को किया जा रहा मजबूत
NAMASTE योजना के तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट्स (ERSUs) को भी मजबूत किया जा रहा है। इन इकाइयों का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाना, सुरक्षित तरीके से सफाई कार्य कराना तथा दुर्घटनाओं को रोकना है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में सफाई कार्यो के दौरान किसी भी कर्मचारी की मृत्यु न हो और सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाएं।
आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रयास
योजना केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। सरकार सफाई कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए स्वयं सहायता समूह (SHGs) बनाए जा रहे हैं, कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा स्वरोजगार और छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे सफाई कर्मियों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
समाज में सम्मान और जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य
‘नमस्ते दिवस’ का उद्देश्य समाज में सफाई कर्मियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बढ़ाना भी है। सरकार का मानना है कि स्वच्छ भारत के निर्माण में इन कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए उन्हें केवल कर्मचारी नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के सहभागी के रूप में देखा जाना चाहिए।
इस अवसर पर लोगों को सफाई कर्मियों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की जाएगी कि वे सफाई कर्मियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं और स्वच्छता अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
क्या है NAMASTE योजना?
राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (NAMASTE) योजना की शुरुआत वर्ष 2023-24 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य मैन्युअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय और खतरनाक प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना, सफाई कार्यों का मशीनीकरण करना, सफाई कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य है कि देश में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित, आधुनिक, समावेशी और मानवीय बने तथा हर सफाई कर्मी सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना जीवन और कार्य कर सके









