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दिल्ली: गाजीपुर मंडी में बकरीद से पहले बढ़ी रौनक, दूर-दराज के राज्यों से पहुंचे व्यापारी, खरीदारों की उमड़ी भीड़

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राजधानी दिल्ली की गाजीपुर मंडी में बकरीद से पहले इन दिनों जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। हर साल की तरह इस बार भी मंडी में दूर-दराज के राज्यों से पशु व्यापारी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश से आए व्यापारी अलग-अलग नस्लों के बकरे लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। मंडी में सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। बकरीद का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में उत्साह बढ़ गया है और गाजीपुर मंडी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

मंडी में इस बार कई खास नस्लों के बकरे लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इनमें अजमेरी, सिरोही, जमुनापारी, बरबरी और तोतापरी नस्ल के बकरे प्रमुख हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस बार पशुओं की मांग पिछले सालों की तुलना में ज्यादा है। कई बकरों की कीमत 20 हजार रुपये से शुरू होकर एक लाख रुपये से भी अधिक तक पहुंच रही है। कुछ विशेष नस्लों के बकरे अपनी ऊंचाई, वजन और सुंदरता के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

व्यापारी बताते हैं कि बकरों की अच्छी देखभाल और खानपान पर विशेष ध्यान दिया गया है। कई व्यापारी अपने पशुओं को सूखे मेवे, चने, हरा चारा और विशेष दाने खिलाकर तैयार करते हैं ताकि उनका वजन और स्वास्थ्य बेहतर रहे। मंडी में आए कई बकरों को रंग-बिरंगे कपड़ों, घंटियों और सजावटी सामानों से सजाया गया है, जिससे उनका आकर्षण और बढ़ गया है। बच्चे और युवा इन बकरों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं।

खरीदारों का कहना है कि बकरीद केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं बल्कि आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी है। लोग पूरे परिवार के साथ मंडी पहुंच रहे हैं और अपनी पसंद के अनुसार पशुओं का चयन कर रहे हैं। कई परिवारों में बच्चों के लिए यह मंडी किसी मेले से कम नहीं लग रही। खाने-पीने की दुकानों, खिलौनों और अन्य सामानों की बिक्री भी मंडी के आसपास बढ़ गई है।

मंडी में व्यापारियों और खरीदारों के बीच मोलभाव का दौर भी लगातार चल रहा है। कई खरीदार बेहतर कीमत पर बकरा खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि व्यापारी अपने पशुओं की गुणवत्ता और देखभाल का हवाला देकर उचित दाम मांग रहे हैं। शाम के समय मंडी में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। लोग दफ्तरों और कामकाज से लौटने के बाद परिवार के साथ खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।

प्रशासन की ओर से भी मंडी में विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंडी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

व्यापारियों का कहना है कि इस बार परिवहन और पशु चारे की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण बकरों की कीमतों पर असर पड़ा है। इसके बावजूद खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ है। कई लोग पहले से ही अपने पसंदीदा बकरों की बुकिंग करवा रहे हैं ताकि त्योहार के समय उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

गाजीपुर मंडी में केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी में अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और बोलियों का मेल देखने को मिल रहा है। यह बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल का भी बड़ा माध्यम बन गया है।

कई पशु व्यापारी वर्षों से इस मंडी में आते रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली की गाजीपुर मंडी देश की प्रमुख पशु मंडियों में गिनी जाती है। यहां खरीदारों की संख्या अधिक होने के कारण व्यापार अच्छा होता है। कई व्यापारी महीनों पहले से बकरों की तैयारी शुरू कर देते हैं ताकि बकरीद के मौके पर उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सके।

बकरीद के त्योहार का धार्मिक महत्व भी मंडी के माहौल में साफ दिखाई देता है। लोग अपनी आस्था और परंपराओं के अनुसार पशुओं की खरीदारी कर रहे हैं। मंडी में कई धार्मिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के स्वयंसेवक भी लोगों की सहायता करते नजर आ रहे हैं। पानी, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।

मंडी में डिजिटल भुगतान का चलन भी तेजी से बढ़ा है। कई व्यापारी अब ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार कर रहे हैं। खरीदार यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान कर रहे हैं, जिससे लेनदेन आसान और सुरक्षित हो गया है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बकरीद के कारण आसपास के बाजारों में भी व्यापार बढ़ गया है। कपड़े, जूते, सजावटी सामान और खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है। होटल और ढाबों में भी ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंच रहा है।

गाजीपुर मंडी में इस समय का माहौल किसी बड़े मेले जैसा दिखाई दे रहा है। रंग-बिरंगी रोशनी, पशुओं की आवाजें, लोगों की चहल-पहल और खरीदारी का उत्साह पूरे क्षेत्र को जीवंत बना रहा है। बच्चे खास तौर पर सजाए गए बकरों को देखकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बकरीद के दौरान होने वाला यह व्यापार हजारों लोगों की आजीविका से जुड़ा होता है। पशुपालक, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, मजदूर और छोटे दुकानदार सभी इस मौके पर बेहतर कमाई की उम्मीद रखते हैं। यही कारण है कि त्योहार से पहले मंडियों में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ जाती हैं।

बकरीद नजदीक आने के साथ ही आने वाले दिनों में गाजीपुर मंडी में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन भी लगातार व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है। व्यापारी अच्छे कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि खरीदार अपने पसंदीदा पशुओं की तलाश में मंडी पहुंच रहे हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली की गाजीपुर मंडी इस समय बकरीद की तैयारियों और उत्साह का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है।

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