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दिल्ली विधानसभा में हंगामे पर स्पीकर सख्त, चार विधायकों के निलंबन पर विपक्ष को चेतावनी

दिल्ली विधानसभा में हंगामे पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता सख्त
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दिल्ली विधानसभा में हंगामे के बाद चार विधायकों के निलंबन पर स्पीकर का सख्त रुख

नई दिल्ली, 24 मार्च 2026।

GSST/डेस्क: दिल्ली विधानसभा में हंगामे बजट सत्र के दौरान हुए हंगामे और कार्यवाही में व्यवधान को लेकर विधानसभा अध्यक्ष Vijender Gupta ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सदन की गरिमा, अनुशासन और संवैधानिक परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के चार विधायकों के निलंबन को उचित ठहराते हुए कहा कि यह फैसला परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया और यह विधानसभा की नियमावली के अनुरूप है। उनके अनुसार संबंधित सदस्य उपराज्यपाल के अभिभाषण के दौरान लगातार विरोध और अव्यवस्था पैदा कर रहे थे, जिससे कार्यवाही बाधित हुई।

दिल्ली विधानसभा में हंगामे और कार्यवाही में व्यवधान का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी विपक्षी सदस्यों द्वारा कई बार इसी तरह की नारेबाज़ी और विरोध के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित होती रही है। अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन बार-बार हंगामा कर सदन की कार्यवाही को बाधित करना संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

विपक्ष की भूमिका पर सवाल

अध्यक्ष ने विपक्ष की नेता Atishi को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीन व्यवहार का समर्थन करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि निलंबन के कारणों को लेकर गलत संदेश फैलाया गया, जिससे जनता में भ्रम की स्थिति बनी।

बैठक में शामिल होने की दी थी सलाह

अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही में भाग लेने और मुद्दे पर चर्चा के माध्यम से समाधान निकालने का आग्रह किया था। उनका कहना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन विधानसभा में हंगामे और सदन की कार्यवाही को बाधित करना उचित नहीं माना जा सकता।

पक्षपात के आरोप खारिज

Vijender Gupta ने अपने ऊपर लगे पक्षपात या कठोरता के आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सभी दलों को बोलने और अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया है। लेकिन बार-बार की अव्यवस्था से सदन का कामकाज प्रभावित होता है, जिसे रोकना जरूरी है।

माफी और सहयोग की अपील

दिल्ली विधानसभा में हंगामे के बाद अध्यक्ष ने निलंबित विधायकों से अपने व्यवहार पर पुनर्विचार करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सभी दलों से रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि जनता ने प्रतिनिधियों को समस्याओं का समाधान करने के लिए चुना है, न कि टकराव के लिए।

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