पंजाब में CM भगवंत मान ने लोक मिलनी के जरिए जनता से सीधा संवाद किया, वहीं विधानसभा के हालिया सत्र में पारित प्रस्तावों को लेकर भी राज्य की राजनीति में हलचल बनी हुई है। नदी के पानी पर पंजाब के अधिकार, जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने और करतारपुर कॉरिडोर दोबारा खोलने की मांग सरकार के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे।
सरींह गांव में CM भगवंत मान की लोक मिलनी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर जिले के नकोदर विधानसभा क्षेत्र के सरींह गांव में लोक मिलनी कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को अपनी शिकायतें मुख्यमंत्री तक सीधे पहुंचाने का अवसर देना है।
पंजाब के नदी जल अधिकारों पर सरकार का सख्त रुख
पंजाब विधानसभा ने राज्य के नदी जल अधिकारों से संबंधित कई प्रस्ताव पारित किए। CM भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब अपने हिस्से के पानी पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। सरकार ने रावी और ब्यास नदियों के पानी पर राज्य के अधिकारों का मुद्दा उठाया और राजस्थान से जल उपयोग के बदले रॉयल्टी की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने की बात भी कही।
जनकल्याणकारी योजनाएं जारी रखने का प्रस्ताव
विधानसभा ने राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता को बिना रुकावट जारी रखने के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया। इसमें महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, घरेलू बिजली पर राहत, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाएं शामिल हैं। सरकार ने इन योजनाओं को आम परिवारों के लिए आर्थिक राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
करतारपुर कॉरिडोर खोलने की मांग
पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार से करतारपुर साहिब कॉरिडोर दोबारा खोलने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया। सरकार ने इसे सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और विरासत से जुड़ा विषय बताया। इसके अलावा विधानसभा में सिंचाई परियोजनाओं और जल प्रबंधन से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
पंजाब के हितों पर CM का जोर
CM भगवंत मान सरकार ने नदी जल अधिकारों, जनकल्याणकारी योजनाओं और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी है। अब इन प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई और जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार के अगले कदमों पर नजर रहेगी।








