दिल्ली 16 मई 2026
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने युगांडा दौरे के दौरान राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत-अफ्रीका सहयोग, शिक्षा, फोरेंसिक विज्ञान और कौशल विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए।
GSST/ डेस्क: भारत और अफ्रीका के संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री Jayant Chaudhary ने हाल ही में युगांडा की आधिकारिक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने युगांडा गणराज्य के राष्ट्रपति Yoweri Kaguta Museveni के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।यात्रा के दौरान मंत्री जयंत चौधरी ने राष्ट्रपति मुसेवेनी को उनके सातवें कार्यकाल के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और देशवासियों की तरफ से सद्भावना संदेश भी सौंपा। बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग, राजनीतिक स्थिरता और विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।जयंत चौधरी ने कहा कि भारत और अफ्रीका के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक साझेदारी पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत आने वाले समय में शिक्षा, तकनीक, कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग को और मजबूत करेगा।फोरेंसिक शिक्षा में भारत की बड़ी पहलयात्रा के दौरान मंत्री ने जिंजा स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के युगांडा परिसर का दौरा भी किया। यह भारत का पहला विदेशी सार्वजनिक शैक्षणिक कैंपस माना जा रहा है, जहां अक्टूबर 2025 से छात्रों के पहले बैच ने पढ़ाई शुरू की थी।जयंत चौधरी ने इस संस्थान को भारत-अफ्रीका सहयोग का प्रतीक बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यह कैंपस फोरेंसिक विज्ञान, अनुसंधान और क्षमता निर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे अफ्रीकी युवाओं को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।भारतीय समुदाय से भी की मुलाकातकंपाला में मंत्री ने भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय की उपलब्धियों की सराहना की और दोनों देशों के बीच सामाजिक एवं आर्थिक रिश्तों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।कौशल विकास और युवाओं पर लगातार फोकसहाल के महीनों में जयंत चौधरी लगातार युवाओं के कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और रोजगार आधारित प्रशिक्षण को लेकर सक्रिय दिखाई दिए हैं। देशभर में स्किल डेवलपमेंट मिशन, नई शिक्षा नीति और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में उनकी पहल चर्चा में रही है। अफ्रीका के साथ शिक्षा और स्किल साझेदारी को बढ़ावा देना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।भारत की यह यात्रा केवल एक औपचारिक प्रतिनिधित्व नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका, शिक्षा कूटनीति और अफ्रीका के साथ गहराते संबंधों का संकेत मानी जा रही है।










