देशभर के खुदरा और थोक मंडियों में बीते एक सप्ताह के भीतर प्याज की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश, भंडारण के नुकसान और मानसून की वजह से खरीफ फसल की आवक में हुई देरी को इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है। [मंडी व्यापारियों के अनुसार, आपूर्ति श्रृंखला में अल्पकालिक कमी आने से थोक भावों में उछाल आया है, जिसका सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।]
सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने और बफर स्टॉक बढ़ाने के लिए खरीद दरों में संशोधन किया है, लेकिन स्थानीय खुदरा बाजारों में प्रीमियम गुणवत्ता वाले प्याज की कीमतें लगातार ऊपर चढ़ रही हैं।
प्रमुख शहरों में 1 किलो प्याज की वर्तमान दरें
देश के प्रमुख महानगरों और राज्यों के खुदरा बाजारों में प्याज की औसत कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
दिल्ली-एनसीआर: ₹40 – ₹50 प्रति किलोग्राम
मुंबई व नासिक: ₹35 – ₹45 प्रति किलोग्राम
कोलकाता व पूर्वी भारत: ₹45 – ₹55 प्रति किलोग्राम
चेन्नई व दक्षिणी राज्य: ₹42 – ₹50 प्रति किलोग्राम
राष्ट्रीय औसत खुदरा मूल्य: लगभग ₹42 प्रति किलोग्राम
बाजार का रुख और भावी अनुमान
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल की आवक पूरी तरह से मंडियों में पहुंचने तक अगले कुछ सप्ताह प्याज के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा बफर स्टॉक से प्याज को खुदरा बाजारों में जारी करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर होने की उम्मीद है।
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