‘Make in India मांगा था, Leak in India दे दिया’: NEET पेपर लीक और CBSE मार्किंग धांधली के खिलाफ दिल्ली में गूंजी बदलाव की आवाज।
प्रतिभा सिंह
नई दिल्ली, 6 जून 2026:
राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल ‘जंतर-मंतर’ आज एक अभूतपूर्व आंदोलन का गवाह बना। सोशल मीडिया पर एक सैटायर (व्यंग्य) के रूप में शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आज वर्चुअल दुनिया से निकलकर दिल्ली की सड़कों पर उतर आई। देश के कोने-कोने से आए हजारों छात्रों, अभिभावकों और युवाओं ने हाथ में तिरंगा, डॉ. बी.आर. आंबेडकर की आत्मकथा और चेहरे पर कॉकरोच मास्क लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों की एक ही प्रमुख मांग है— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा।
क्यों भड़का युवाओं का गुस्सा? (Protest का असली कारण)
यह विरोध प्रदर्शन किसी राजनीतिक दल द्वारा प्रायोजित नहीं था, बल्कि देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था और भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ उपजा एक स्वतःस्फूर्त आंदोलन है। प्रदर्शन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
NEET 2026 पेपर लीक और धांधली: हाल ही में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के मामले सामने आए, जिसके कारण परीक्षा को टालकर 21 जून के लिए रिशेड्यूल करना पड़ा। इससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
CBSE ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) घोटाला: कक्षा 12वीं के नतीजों में इवैल्यूएशन पोर्टल (COEMPT’s On Mark portal) की कमियों और टेंडर प्रक्रियाओं में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिसने छात्रों और अभिभावकों की रातों की नींद उड़ा दी है।
भविष्य की असुरक्षा: CUET और SSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में बार-बार होने वाली गड़बड़ियों से तंग आकर देश का युवा अब सीधे जवाबदेही की मांग कर रहा है।
कैसा रहा प्रदर्शन? (Live From Jantar Mantar)
सुबह से ही जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात था। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत विशेष छूट देते हुए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी थी।
अमेरिका से सीधे जमीन पर उतरे आंदोलनकारी: आंदोलन के प्रणेता और CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) विशेष रूप से इस आंदोलन का नेतृत्व करने बोस्टन (USA) से दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट से बाहर आते ही उनके हाथ में संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर की आत्मकथा थी, जो इस बात का प्रतीक थी कि यह लड़ाई संवैधानिक अधिकारों की है।
अनोखा विरोध प्रदर्शन: प्रदर्शन के दौरान युवा हाथों में फूल और ‘कॉकरोच मास्क’ पहने नजर आए। हाल ही में एक टिप्पणी के विरोध में युवाओं ने इस नाम को अपनी ताकत बना लिया। जंतर-मंतर पर पोस्टरों की बाढ़ आ गई थी, जिनमें से एक पर लिखा था— “We asked for ‘Make in India’, you gave us ‘Leak in India'” (हमने मेक इन इंडिया मांगा था, आपने लीक इन इंडिया दे दिया)।
दिपके का हुंकार: जनसभा को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा, “देश का युवा अब डरेगा नहीं, लड़ेगा। हमारे सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करने की कोशिश की गई, पोस्ट डिलीट किए गए, लेकिन आप हमारे हौसले को डिलीट नहीं कर सकते।”
दिग्गजों का मिला साथ: सोनम वांगचुक भी मंच पर पहुंचे

इस छात्र आंदोलन को समाज के हर वर्ग और विपक्षी नेताओं का भारी समर्थन मिला। मशहूर शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दोपहर में खुद जंतर-मंतर पहुंचे और छात्रों के साथ मंच साझा किया। वांगचुक ने कहा, “मैं प्रदर्शनों के पक्ष में नहीं रहता, लेकिन जब न्याय की बात हो और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो, तो आवाज उठाना जरूरी हो जाता है।”
इसके अलावा, विपक्षी नेताओं जैसे अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा, उद्धव ठाकरे और रोहित पवार ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस युवा क्रांति की सराहना की और सरकार से तुरंत छात्रों की मांगें पूरी करने को कहा।
शांतिपूर्ण समापन, लेकिन ‘पिक्चर अभी बाकी है’
शाम 5 बजे दिल्ली पुलिस की दी गई समय सीमा के साथ ही यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया। हालांकि, एहतियात के तौर पर पुलिस ने दो गुटों के बीच टकराव टालने के लिए 6 लोगों को हिरासत में भी लिया था।
आंदोलन खत्म होने के बाद अभिजीत दिपके ने कहा कि “आज तो बस ट्रेलर था”, यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता नहीं आ जाती और जवाबदेही तय नहीं होती।










