Home / राज्य / हरियाणा / स्वतंत्रता दिवस का जश्न बना चिंता का कारण: नूंह में भीषण गर्मी और उमस से एक दर्जन से अधिक छात्राएं हुईं बेहोश

स्वतंत्रता दिवस का जश्न बना चिंता का कारण: नूंह में भीषण गर्मी और उमस से एक दर्जन से अधिक छात्राएं हुईं बेहोश

AI image created by Chat GPT
Spread the love

नूंह, हरियाणा:
आजादी की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर पूरे देश में उत्साह का माहौल है, लेकिन हरियाणा के नूंह जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के दौरान भीषण गर्मी और उमस ने बच्चों की सेहत पर भारी असर डाला, जिसके चलते एक दर्जन से अधिक स्कूली छात्राएं अचानक चक्कर खाकर मंच के पास ही बेहोश हो गईं। इस घटना से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारियों व अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने के लिए काफी समय से तैयारी कर रहे थे। सुबह से ही उमस भरी गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा था। जब छात्राएं अपनी प्रस्तुति के लिए कतार में खड़ी थीं, तभी अचानक एक-एक कर कई छात्राएं लड़खड़ाकर गिरने लगीं। देखते ही देखते बेहोश होने वाली छात्राओं की संख्या एक दर्जन के पार पहुंच गई। मौके पर मौजूद शिक्षकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए छात्राओं को प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए आनन-फानन में उन्हें नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
प्रशासन की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इस घटना के बाद से ही आयोजन स्थल पर मौजूद सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भीषण गर्मी के पूर्वानुमान के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त छाया, पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी और तत्काल मेडिकल सहायता के पुख्ता इंतजामों में कमी दिखी। घटना के बाद डॉक्टरों की देखरेख में सभी छात्राओं का उपचार शुरू किया गया। अस्पताल के सीएमओ ने बताया कि बच्चों में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और लंबे समय तक धूप में खड़े रहने के कारण ‘हीट स्ट्रेस’ (Heat Stress) के लक्षण दिखे हैं। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने के कारण सभी छात्राओं की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अभिभावकों में भारी आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। आक्रोशित अभिभावकों का कहना है कि जब मौसम विभाग पहले ही गर्मी और उमस को लेकर अलर्ट जारी कर चुका था, तो छोटे बच्चों को घंटों धूप में खड़ा रखना कतई उचित नहीं था। फिलहाल, जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि उत्सव के उत्साह के बीच बच्चों की सुरक्षा और मौसम की संवेदनशीलता को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।