मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अनादर का आरोप लगाया, जानिए क्या है पूरा विवाद…
पणजी:
गोवा में आयोजित कांग्रेस पार्टी के एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो पैराग्राफ (अंतरे) ही गाए गए, जिसके बाद पूरे गान को बीच में ही रोक दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के समय मंच पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद थे। इस मामले के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे राष्ट्रगीत का अपमान करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, गोवा में आयोजित इस सांगठनिक कार्यक्रम की शुरुआत या समापन के अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ का गायन शुरू किया गया। लेकिन राष्ट्रगीत की पूरी पंक्तियाँ गाने के बजाय केवल दो अंतरे गाकर ही इसे समाप्त कर दिया गया। राष्ट्रगीत को इस तरह अधूरा छोड़े जाने को लेकर वहां मौजूद लोग और बाद में इस घटना का वीडियो सामने आने पर विरोधी दल हैरान रह गए। देखते ही देखते इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया और राज्य से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल तेज हो गई।
बीजेपी का हमला: राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस का रवैया उजागर
घटना के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर करारा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने राष्ट्रगीत का इस तरह अधूरा गाया जाना यह दर्शाता है कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत का क्या सम्मान है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस हमेशा से ही तुष्टिकरण की राजनीति के तहत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ समझौता करती आई है और गोवा की यह घटना उसी मानसिकता का प्रतीक है।
कांग्रेस का पक्ष और सफाई
दूसरी तरफ, कांग्रेस समर्थकों और नेताओं का तर्क है कि कई कार्यक्रमों में समय की कमी या तय प्रोटोकॉल के तहत ‘वंदे मातरम्’ के शुरुआती छंदों का ही गायन किया जाता है। पार्टी का कहना है कि बीजेपी के पास जनहित के असल मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह हर छोटी घटना को तूल देकर बेवजह का राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्रगीत पर फिर छिड़ी वैचारिक जंग
‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में राजनीति नई नहीं है, लेकिन चुनावी और सांगठनिक कार्यक्रमों के बीच इस तरह के विवाद का उठना एक बार फिर राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय सम्मान के मुद्दों को केंद्र में ले आया है। जहां एक तरफ सत्ता पक्ष इसे देश के सम्मान से जोड़कर देख रहा है, वहीं विपक्ष इसे सत्ताधारी दल द्वारा रचा गया एक राजनीतिक एजेंडा बता रहा है।
पाठकों की राय (Poll Option for Website):
खड़गे की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाए जाने के इस विवाद पर आपकी क्या राय है? नीचे दिए गए विकल्पों पर प्रतिक्रिया दें:
👍 (समर्थन): बीजेपी की आपत्ति बिल्कुल सही है, राष्ट्रगीत का पूरा और पूर्ण सम्मान होना ही चाहिए।
👎 (असहमति): यह विपक्ष को घेरने के लिए खड़ा किया गया एक नया सियासी पैंतरा है।
🙏 (निष्पक्ष): बीजेपी इस छोटे से मुद्दे को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक रंग दे रही है।
⭐ (समाधान): विवाद फैलाने के बजाय राष्ट्रगीत के सम्मान पर सभी दलों में सर्वसम्मति होनी चाहिए।
😮 (तटस्थ): दोनों दलों ने ‘वंदे मातरम्’ को एक बार फिर अपनी राजनीति का अखाड़ा बना दिया है।
गोवा में कांग्रेस के मंच पर ‘वंदे मातरम्’ के कटे बोल: राष्ट्रगीत के केवल दो अंतरे गाने पर मचा सियासी बवाल, खड़गे भी थे मौजूद









