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‘अगर देशभक्ति अपराध है तो मैं भी दिमागी नक्सल हूँ’: केजरीवाल का पीएम मोदी पर बड़ा पलटवार, वीडियो शेयर कर छेड़ा सियासी संग्राम

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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर प्रधानमंत्री के बयान पर उठाए सवाल; कहा- देशप्रेम पर मुझे गर्व है।
नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक हालिया बयान को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए ‘अर्बन नक्सल’ और ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर देश के प्रधानमंत्री के हिसाब से ‘दिमागी नक्सली’ की परिभाषा क्या है?
केजरीवाल का तीखा हमला: ‘मुझे देशभक्त होने पर गर्व है’
सोशल मीडिया पोस्ट में केजरीवाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए लिखा, “अगर देश की जनता की सेवा करना, लोगों को मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं देना और देश से प्यार करना ‘दिमागी नक्सल’ होना है, तो हाँ, मैं दिमागी नक्सल हूँ। मैं एक सच्चा देशभक्त हूँ और मुझे अपनी इस देशभक्ति पर गर्व है।” केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अपने विरोधियों, विचारकों और जनता के लिए काम करने वाले नेताओं को ऐसे विवादित और नकारात्मक तमगे देने की कोशिश करती है।
वीडियो शेयर कर पीएम मोदी से पूछे सीधे सवाल
साझा किए गए वीडियो के माध्यम से आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने तर्क दिया कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों की आलोचना करना या जनहित के मुद्दे उठाना किसी भी नागरिक या राजनेता का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ‘नक्सली’ या ‘देशविरोधी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के लिए काम करने वाले और आम लोगों के हक की आवाज उठाने वाले लोग प्रधानमंत्री की नजर में नक्सली बन जाते हैं?
बीजेपी और आप के बीच नई जुबानी जंग
केजरीवाल के इस पलटवार के बाद भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा समर्थकों और नेताओं का कहना है कि केजरीवाल प्रधानमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और जनता का ध्यान भटकाने के लिए खुद को पीड़ित (विक्टिम) के रूप में दिखा रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सत्ताधारी दल लगातार विपक्ष की छवि खराब करने के लिए इस तरह की शब्दावली का सहारा ले रहा है।
पाठकों की राय (Poll Option for Website):
‘मैं भी दिमागी नक्सल हूँ, क्योंकि देशभक्त हूँ,’ केजरीवाल के पीएम मोदी पर इस पलटवार को आप कैसे देखते हैं? नीचे अपनी प्रतिक्रिया दें:
👍 (गलत प्रस्तुति): केजरीवाल पीएम मोदी के बयान का गलत मतलब निकालकर उसे तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
👎 (अनुचित सियासत): राष्ट्रीय राजनीति में ‘दिमागी नक्सल’ जैसे अतिसंवेदनशील शब्दों पर राजनीति करना ठीक नहीं है।
🙏 (देशभक्ति का सम्मान): सच्चे देशप्रेम को इस तरह की ‘दिमागी नक्सल’ वाली बयानों की बहस से जोड़ना सही नहीं है।
😮 (नीतिगत बहस): व्यक्तिगत बयानबाजी या मोदी विरोध के बजाय असली मुद्दों, नीतियों और राष्ट्रहित पर बात होनी चाहिए।
😂 (सुर्खियों की होड़): यह सिर्फ मीडिया में बने रहने और सुर्खियां बटोरने के लिए दिया गया एक राजनीतिक बयान है।