नई दिल्ली:
मंडी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में उन्होंने आज की युवा पीढ़ी यानी ‘Gen-Z’ की जीवनशैली और सोच की आलोचना करते हुए उन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कह दिया था। कंगना के इस विवादित बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अब इस पूरे विवाद में योग गुरु स्वामी रामदेव का बयान भी सामने आया है, जिन्होंने अभिनेत्री की इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें जमकर निशाने पर लिया है।
स्वामी रामदेव का हमला: ‘युवाओं का अपमान सहन नहीं’
योग गुरु स्वामी रामदेव ने कंगना रनौत के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी ही भारत का भविष्य है और पूरी पीढ़ी को इस तरह के अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना पूरी तरह से गलत है। रामदेव ने सीधे तौर पर कहा कि इस तरह के बयान देने वालों की समझ पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि युवा वर्ग में कुछ खामियां हो सकती हैं और उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है, लेकिन पूरी जेनरेशन को ‘गटर’ कह देना किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। रामदेव के अनुसार, देश के विकास, इनोवेशन और तकनीकी प्रगति में Gen-Z का बहुत बड़ा योगदान है, इसलिए उनके मनोबल को तोड़ने के बजाय उनका मार्गदर्शन किया जाना चाहिए।
क्या था कंगना रनौत का विवादित बयान?
दरअसल, कंगना रनौत ने एक बातचीत के दौरान आज के युवाओं के वर्क कल्चर, लाइफस्टाइल और अनुशासन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि आज की पीढ़ी सोशल मीडिया और रील्स की दुनिया में खोई हुई है और उनमें धैर्य या कड़ी मेहनत करने की क्षमता नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने इस पीढ़ी के लिए ‘गटर जेनरेशन’ जैसे कड़े शब्द का इस्तेमाल किया था।
कंगना का मानना था कि आधुनिक जीवनशैली के कारण युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं। हालांकि, उनके इस बयान के बाद से ही युवाओं और विभिन्न सेलिब्रिटीज की तरफ से उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।
बयान पर छिड़ी व्यापक बहस
स्वामी रामदेव की इस प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा और ज्यादा गरमा गया है। जहां एक तरफ कंगना के समर्थक इसे युवाओं में अनुशासन की कमी पर एक सीधी और बेबाक टिप्पणी मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ा वर्ग स्वामी रामदेव के रुख का समर्थन कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते कंगना को अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
फिलहाल इस विवाद पर कंगना रनौत की तरफ से स्वामी रामदेव की टिप्पणी को लेकर कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है।









