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उत्तराखंड में कुदरत का कहर: गौला नदी के रौद्र रूप ने छीना अपनों को अंतिम विदा देने का हक; जलप्रवाह में बही धधकती चिताएं

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हल्द्वानी (नैनीताल):
उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कुदरत का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही भारी मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच नैनीताल जिले के रानीबाग स्थित प्रसिद्ध चित्रशिला घाट से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ अंतिम संस्कार के दौरान गौला नदी का जलस्तर अचानक इतनी तेजी से बढ़ा कि तट पर जल रही दो चिताएं शवों समेत नदी के प्रचंड बहाव में बह गईं। इस अप्रत्याशित हादसे ने अपनों को खो चुके शोकाकुल परिजनों को कभी न भूलने वाला गहरा जख्म दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को चित्रशिला घाट पर दो अलग-अलग परिवार अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे। गौलापार के एक परिवार द्वारा अपनी 95 वर्षीया बुजुर्ग महिला का दाह-संस्कार किया जा रहा था, वहीं दूसरा परिवार रुद्रपुर से अंतिम संस्कार के लिए घाट पर आया था। बारिश की वजह से चिता जलाने में पहले से ही कठिनाई आ रही थी। इसी दौरान दोपहर के समय पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण गौला नदी का जलस्तर अचानक अत्यंत तीव्र गति से बढ़ गया और नदी ने घाट की भूमि का कटाव शुरू कर दिया।
जब तक किनारे पर मौजूद लोग और परिजन कुछ समझ पाते या बचाव का प्रयास करते, तब तक उफनाती नदी की लहरें दोनों चिताओं को अपनी आगोश में ले चुकी थीं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक शव लगभग 70 प्रतिशत तक जल चुका था, जबकि दूसरी चिता अभी जल ही रही थी। देखते ही देखते दोनों धधकती चिताएं और अवशेष नदी की तेज धार में ओझल हो गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद स्तब्ध परिजन और स्थानीय लोग नदी के किनारों पर देर शाम तक अपनों के अवशेष तलाशते रहे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि किसी भी प्रकार का सुराग नहीं मिल सका। अंततः कोई राह न देखकर रोते-बिलखते परिजन बेबस होकर वापस लौट गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से जलस्तर घटने तक चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार और नदी तट के समीप जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।