बदरीनाथ और पौड़ी वन प्रभाग सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गढ़वाल मंडल के भागीरथी, यमुना, शिवालिक और गढ़वाल वृत्त के 20 वन प्रभागों में बीते एक पखवाड़े के भीतर वनाग्नि की घटनाओं में करीब 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 295 वनाग्नि घटनाओं में 258.48 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इनमें 173 घटनाएं आरक्षित वनों में हुईं, जिससे 172.33 हेक्टेयर जंगल जलकर प्रभावित हुए, जबकि सिविल वनों में दर्ज 122 घटनाओं में 84.95 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान हुआ।
सबसे अधिक घटनाएं गढ़वाल वृत्त में सामने आई हैं, जहां कुल 187 मामलों में 148.62 हेक्टेयर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।वन विभाग ने आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
विभाग द्वारा अब तक 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें नरेंद्रनगर डिविजन में सात, पौड़ी में दो और रुद्रप्रयाग में एक मामला शामिल है। इसके अलावा 46 लोगों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल मंडल धीरज पांडेय ने बताया कि सभी वन प्रभागों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है और क्रू स्टेशनों में अतिरिक्त मानव संसाधन तैनात किए गए हैं।










