गोरखपुर/कुशीनगर: आज के चकाचौंध भरे दौर में जहाँ सोशल मीडिया पर ‘दिखावे’ की होड़ लगी है, जहाँ रईस लोग अपना जन्मदिन फाइव स्टार होटलों और महंगी पार्टियों में मनाकर लाखों रुपये उड़ा देते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश की बेटी और इंटरनेशनल सुपरमॉडल प्रीति शर्मा ने सादगी और सेवा की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने करोड़ों दिलों को जीत लिया है।
5 अप्रैल को अपने जन्मदिन के खास मौके पर प्रीति शर्मा ने किसी आलीशान पार्टी को चुनने के बजाय, कुशीनगर के मासूम बच्चों के बीच जाना बेहतर समझा। दीप्ती फिल्म प्रोडक्शन हाउस की डायरेक्टर और मशहूर मॉडल प्रीति ने इस बार भी अपना जन्मदिन ‘स्लम बस्तियों’ और स्कूलों में उन बच्चों के साथ मनाया, जो अक्सर समाज की मुख्यधारा से कटे रहते हैं।प्रीति शर्मा ने कहा “सच्ची खुशी वह नहीं जो हम अपने ऊपर खर्च करते हैं, बल्कि वह है जो हम दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाकर हासिल करते हैं।”प्रीति शर्मा का जन्मदिन केवल केक काटने तक सीमित नहीं रहता।
हर साल वह एक नए संकल्प के साथ उतरती हैं:इस बार उन्होंने कुशीनगर के एक स्कूल में बच्चों को किताबें और जरूरी स्टेशनरी बांटी।बच्चों को गिफ्ट्स देकर उन्होंने न केवल उन्हें प्रोत्साहित किया, बल्कि शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूक भी किया।वह अपनी मेहनत की कमाई (सैलरी) का एक निश्चित हिस्सा इन नेक कार्यों के लिए समर्पित करती हैं।
प्रीति शर्मा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से सफलता के उन शिखरों को छुआ है जहाँ पहुँचना हर किसी का सपना होता है:मिसेज ग्लोरी ऑफ इंडिया 2023 की विजेता।फेस ऑफ महाराष्ट्र 2021 का खिताब।मदर एंड बेबी कैटेगरी में जीत दर्ज कर यह साबित किया कि एक मां और हाउसवाइफ भी करियर के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकती है।
इंटरनेशनल सुपरमॉडल बनकर दुनिया भर में भारत और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया।उनकी समाजसेवा और कला के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है:युगधारा अचीवर्स अवॉर्ड 2023 (समाज सेवा और कला के लिए)।राजबाला ट्रस्ट सम्मान 2025 जैसे बड़े सम्मान।प्रीति शर्मा आज महज एक हाउसवाइफ या मॉडल नहीं हैं, बल्कि वह एक बड़ी कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के रूप में सफलतापूर्वक कार्यभार संभाल रही हैं।
घर, ऑफिस और समाज सेवा के बीच उनका यह संतुलन आज की नारी शक्ति के लिए एक बड़ी मिसाल है।कुशीनगर के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक का सफर तय करने वाली प्रीति शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि “इंसान अपने कपड़ों से नहीं, बल्कि अपने कर्मों से बड़ा होता है।”









