संसद का मानसून सत्र गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Adjourned Sine Die) कर दिया गया है। सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही बेहद संक्षिप्त रही और सदन में हंगामे के बीच केवल कुछ ही मिनटों में इसे समाप्त कर दिया गया।
आखिरी दिन की मुख्य घटनाएँ:
लोकसभा का संक्षिप्त सत्र: सदन की बैठक शुरू होते ही सभी छह अंतराओं के साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन हुआ। इसके तुरंत बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। सदन में सामान्यतः होने वाला विदाई संबोधन (valedictory address) भी इस बार नहीं दिया गया।
दिग्गजों की उपस्थिति: सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे।
विपक्ष का विरोध: कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और “माफी मांगो” व “लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया” जैसे नारे लगा रहे थे।
सत्र का लेखा-जोखा:
कामकाज और गतिरोध: यह सत्र जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन, नीट (NEET) पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित चोरी जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारी गतिरोध का गवाह रहा।
बिलों का पारित होना: हंगामे के बावजूद, सरकार ने इस सत्र में कुल 12 विधेयक पारित कराए। इनमें से कई महत्वपूर्ण बिल बिना किसी विस्तृत चर्चा के ही ध्वनिमत से पास कर दिए गए।
राज्यसभा: उच्च सदन (राज्यसभा) की कार्यवाही गुरुवार को लगभग एक घंटे चली, जहाँ ‘माइंस एंड मिनरल्स (विकास और विनियमन) संशोधन बिल, 2026’ को पारित किया गया। साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ विवाद का मुद्दा भी उठाया, जिस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने जांच का आश्वासन दिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस सत्र को कामकाज की दृष्टि से ‘सफल’ बताया, लेकिन उन्होंने यह भी अफसोस जताया कि विपक्ष के असहयोगात्मक रवैये के कारण सदन में गुणवत्तापूर्ण चर्चा नहीं हो सकी।
संसद का मानसून सत्र समाप्त: लोकसभा की कार्यवाही महज कुछ मिनटों में स्थगित









