आंकड़ों में कांवड़ मेला 2026
शिवभक्तों की संख्या: इस वर्ष हरिद्वार में लगभग 4.80 करोड़ कांवड़िए पहुंचे, जिसने पिछले वर्ष के 4.5 करोड़ के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।
कुल कचरा: नगर निगम और प्रशासनिक रिपोर्टों के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान और उसके समापन के बाद हरिद्वार में 7,000 से 8,000 मीट्रिक टन तक कचरा एकत्र किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, अकेले अंतिम दो दिनों में लगभग 2,000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया गया।
कचरे का स्वरूप: इस कचरे में मुख्य रूप से प्लास्टिक शीट, पॉलिथीन, उपयोग किए गए कपड़े, सड़े हुए फूल और खाद्य सामग्री के अवशेष शामिल हैं। कुछ स्थानों पर महिला चेंजिंग रूम में यूरिन से भरी बोतलें भी पाई गई हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और सफाई अभियान
प्रशासन ने इस चुनौती से निपटने के लिए “युद्ध स्तर” पर मेगा सफाई अभियान शुरू किया है:
सफाई कर्मी: हरिद्वार जिला प्रशासन ने 1,000 से अधिक स्वच्छता कर्मचारियों और 100 आउटसोर्स कर्मियों को तैनात किया है।
संसाधन: कचरा उठाने के लिए 80 से अधिक वाहनों और मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
समय सीमा: 12 अगस्त से 18 अगस्त 2026 तक एक विशेष ‘मेगा स्वच्छता अभियान’ चलाया जा रहा है ताकि शहर को यात्रा-पूर्व की स्थिति में लाया जा सके।
पुनर्चक्रण (Recycling): नगर निगम ने कचरे के प्रबंधन के लिए एक पहल शुरू की है, जिसके तहत कांवड़ियों द्वारा छोड़े गए कपड़ों और अन्य योग्य कचरे को अलग कर एनजीओ की मदद से रिसाइकिल किया जाएगा।
यह स्थिति पिछले वर्षों की तुलना में कचरे की मात्रा में हुई बढ़ोतरी को दर्शाती है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं (जैसे गंगा सभा) ने भविष्य में स्वच्छता बनाए रखने के लिए जन-जागरूकता पर जोर दिया है।
वर्ष 2026 की कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ और उसके बाद उत्पन्न कचरे की स्थिति पर मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:









