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यूपी में महिलाओं के खाते में आएंगे ₹50 हजार: आगामी चुनाव से पहले ₹20 हजार की पहली किस्त संभव; योगी सरकार का बड़ा दांव

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लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आधी आबादी यानी महिला मतदाताओं को साधने के लिए हलचल तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मकसद से एक बड़ा वित्तीय पैकेज देने की तैयारी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार राज्य की पात्र महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का खाका तैयार कर रही है। इस योजना का सबसे मुख्य आकर्षण चुनाव से ठीक पहले दी जाने वाली पहली बड़ी किस्त होगी।
पहली किस्त में मिलेंगे ₹20 हजार, फिर ₹10-10 हजार का चरणबद्ध भुगतान
प्रस्तावित योजना के प्रारूप के मुताबिक, योगी सरकार चुनावी बिगुल बजने और आचार संहिता लागू होने से पहले ही राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में ₹20,000 की पहली किस्त ट्रांसफर करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके बाद बाकी बची ₹30,000 की राशि को ₹10,000-₹10,000 की तीन अलग-अलग किस्तों में चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। यह पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
विपक्ष के वादों और लाडली बहना योजनाओं को कड़ी टक्कर देने की कोशिश
मध्य प्रदेश की ‘लाडली बहना योजना’ और दिल्ली तथा महाराष्ट्र जैसे राज्यों में महिलाओं के लिए शुरू की गई डीबीटी योजनाओं की भारी सफलता को देखते हुए यूपी में भी इस कदम को गेमचेंजर माना जा रहा है। विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा पहले ही महिलाओं को सालाना ₹40,000 की मदद देने का चुनावी वादा किया जा चुका है। ऐसे में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और योगी सरकार ₹50,000 के इस बड़े पैकेज के जरिए विपक्ष के सभी वादों को पछाड़ने की रणनीति अपना रही है।
किन्हे मिलेगा लाभ और क्या होंगी शर्तें?
हालांकि सरकार की तरफ से अभी इसके आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने बाकी हैं, लेकिन माना जा रहा है कि यह लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, बीपीएल परिवारों, और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। जिन महिलाओं को पहले से सरकारी पेंशन या उच्च आय वर्ग का लाभ मिल रहा है, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा जा सकता है।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में
वित्त विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग इस पूरी योजना का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करने में जुटे हैं। बजट आवंटन और लाभार्थियों के सत्यापन की रूपरेखा तय की जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल सकती है, जिसके बाद पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।