नई दिल्ली:
15 अगस्त का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। साल 1947 में इसी दिन भारत ने ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से आजादी हासिल की थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया के पांच अन्य देश भी इसी दिन अपनी स्वतंत्रता या राष्ट्रीय दिवस (National Day) का जश्न मनाते हैं? यह संयोग विश्व इतिहास के अलग-अलग कालखंडों में औपनिवेशिक मुक्ति और राष्ट्र निर्माण की कहानी बयां करता है।
आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जो भारत के साथ ही 15 अगस्त को अपना ‘स्वतंत्रता दिवस’ मनाते हैं:
- दक्षिण कोरिया (South Korea)
दक्षिण कोरिया के लिए 15 अगस्त का दिन बेहद भावुक और गौरवपूर्ण है। इसे ‘ग्वांगबोकजियोल’ (Gwangbokjeol) कहा जाता है, जिसका अर्थ है ‘प्रकाश की वापसी का दिन’। साल 1945 में इसी दिन कोरियाई प्रायद्वीप को 35 वर्षों के क्रूर जापानी औपनिवेशिक शासन से मुक्ति मिली थी। तीन साल बाद, 15 अगस्त 1948 को ही दक्षिण कोरिया की औपचारिक सरकार की स्थापना हुई थी। - उत्तर कोरिया (North Korea)
दक्षिण कोरिया की तरह उत्तर कोरिया भी 15 अगस्त को ‘लिबरेशन डे’ (Chogukhaebangui Nal) के रूप में मनाता है। यह दिन जापानी कब्जे से मिली आजादी का प्रतीक है। हालांकि, कोरियाई युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच विभाजन की लकीर खिंच गई, लेकिन 15 अगस्त आज भी दोनों पड़ोसी देशों के लिए साझा ऐतिहासिक विरासत का दिन है। - कांगो गणराज्य (Republic of the Congo)
मध्य अफ्रीका में स्थित कांगो गणराज्य (इसे कांगो-ब्राज़ाविल भी कहा जाता है) को 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से पूर्ण स्वतंत्रता मिली थी। 19वीं सदी के अंत से ही यह देश फ्रांसीसी शासन के अधीन था। आज कांगो में इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है, जहां परेड, संगीत और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए अपनी संप्रभुता का जश्न मनाया जाता है। - बहरीन (Bahrain)
खाड़ी देश बहरीन ने 15 अगस्त 1971 को ब्रिटेन से अपनी आजादी की घोषणा की थी। हालांकि, बहरीन का मुख्य ‘राष्ट्रीय दिवस’ 16 दिसंबर को मनाया जाता है (जो उनके पूर्व शासक ईसा बिन सलमान अल खलीफा के राज्यारोहण का प्रतीक है), लेकिन ऐतिहासिक रूप से 15 अगस्त ही वह दिन है जब बहरीन ने आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश संरक्षण से खुद को मुक्त किया था। - लिकटेंस्टीन (Liechtenstein)
यूरोप के सबसे छोटे और समृद्ध देशों में से एक, लिकटेंस्टीन के लिए 15 अगस्त का दिन ‘स्वतंत्रता दिवस’ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रीय दिवस’ (Staatsfeiertag) है। 1940 से मनाया जा रहा यह उत्सव इस दिन दो महत्वपूर्ण घटनाओं को जोड़ता है—कैथोलिक धर्म का ‘अजम्पशन डे’ और देश के तत्कालीन राजकुमार प्रिंस फ्रांज जोसेफ द्वितीय का जन्मदिन। इस दिन पूरे देश में आतिशबाजी और भव्य राजकीय भोज का आयोजन होता है।
एक सुखद संयोग
भारत सहित इन देशों का 15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाना यह दर्शाता है कि 20वीं सदी के मध्य में किस प्रकार वैश्विक स्तर पर उपनिवेशवाद का अंत हो रहा था। भले ही इन देशों के संघर्ष और परिस्थितियां अलग रही हों, लेकिन ‘आजादी की यह तारीख’ पूरे विश्व में लोकतंत्र और संप्रभुता के सम्मान का प्रतीक बन गई है।









