Home / देश-विदेश / लाल किले से PM मोदी का 12 साल का रिपोर्ट कार्ड: आंकड़ों के साथ रखा विकास और आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप

लाल किले से PM मोदी का 12 साल का रिपोर्ट कार्ड: आंकड़ों के साथ रखा विकास और आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप

AI image created by Chat GPT
Spread the love

नई दिल्ली:
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पूरा देश देशभक्ति के रंग में सराबोर है। लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया, बल्कि पिछले 12 वर्षों में भारत की विकास यात्रा का एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड भी देशवासियों के सामने रखा। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आंकड़ों के जरिए यह रेखांकित किया कि कैसे भारत ने पिछले एक दशक में अभूतपूर्व रफ्तार और विस्तार हासिल किया है।
12 वर्षों का हिसाब: आंकड़ों की जुबानी भारत की छलांग
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बुनियादी ढांचे, रक्षा, तकनीक और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए:
रक्षा उत्पादन (Defense Production): स्वदेशीकरण पर जोर देने के चलते पिछले 12 सालों में रक्षा उत्पादन में लगभग 4 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग 7 गुना बढ़ी है, जबकि भारत में निर्मित मोबाइल फोन का उत्पादन 33 गुना बढ़ा है।
डिजिटल क्रांति: देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में 4 गुना वृद्धि हुई है, पेटेंट ग्रांट 4 गुना बढ़े हैं और डिजिटल ट्रांजेक्शन (UPI आदि) 100 गुना तक बढ़ गए हैं।
पाइप्ड गैस का विस्तार: 2014 से पहले जहां देश के मात्र 70 शहरों में रसोई गैस पाइपलाइन (PNG) की सुविधा थी, वहीं अब 700 से अधिक शहरों में पौने दो करोड़ से ज्यादा घर पाइप गैस लाइन से जुड़ चुके हैं।
खादी और रेल निर्माण: खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन 5 गुना और आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना तक बढ़ा है।
‘शक्ति की सप्तधारा’ और 2047 का विजन
आने वाले 5 से 7 वर्षों के लिए पीएम मोदी ने देश की प्रगति को गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ (ऊर्जा के 7 प्रमुख क्षेत्र) का खाका प्रस्तुत किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, तथा भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश “छोटे सपनों का दौर छोड़ चुका है” और सेमीकंडक्टर निर्माण, क्रिटिकल मिनरल्स तथा समुद्री संसाधनों की खोज के जरिए भारत वैश्विक मंच पर एक विनिर्माण और तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।
गरीबी पर प्रहार और गवर्नेंस में बदलाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि 140 करोड़ नागरिकों के सामर्थ्य से ही 25 करोड़ देशवासी गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने गुलामी के दौर के सैकड़ों पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर सुशासन (Good Governance) को प्राथमिकता दी है। हर साल औसतन तीन से चार गुना तेजी से गरीबों के लिए आवास, शौचालय, और नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य पूरे किए जा रहे हैं।
लाल किले की प्राचीर से दिया गया यह संबोधन केवल उपलब्धियों का ब्योरा नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि भारत ने अब आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की ओर अपने कदम बढ़ा दिए हैं।